शुभेंदु अधिकारी के PA की हत्या में गिरफ्तार हुआ बलिया का राज सिंह, मां ने बताई पूरी कहानी; कहा- बेटा बेगुनाह
Suvendu Adhikari PRO Murder
बलिया: Suvendu Adhikari PRO Murder: पश्चिम बंगाल के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पीआरओ चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में एक नया मोड़ आ गया है. उत्तर प्रदेश एसटीएफ द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपी ठाकुर राज सिंह के परिजनों ने पुलिसिया दावों को सिरे से खारिज कर दिया है.
राज सिंह की मां जामवंती सिंह ने दावा किया है कि उनका बेटा वारदात वाले दिन अपने घर पर ही मौजूद था. जामवंती सिंह के अनुसार घर में लगे सीसीटीवी फुटेज में उनके बेटे की मौजूदगी स्पष्ट रूप से दर्ज है.
मां ने पेश किया बेगुनाही का दावा: जामवंती सिंह का कहना है कि पुलिस द्वारा लगाया गया आरोप पूरी तरह निराधार और बेबुनियाद है. उन्होंने मीडिया को बताया कि राज सिंह घटना के दिन न केवल घर पर था, बल्कि वह लगातार चार दिनों तक उनके साथ लखनऊ में एक शादी समारोह में भी शामिल था. उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री से अपील की है कि इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए. उनका मानना है कि निष्पक्ष जांच से सच सामने आएगा और उनके निर्दोष बेटे को न्याय मिलेगा.
MLC की बेटी की शादी में गया था: जामवंती सिंह के अनुसार, राज सिंह उन्हें लेकर लखनऊ में एक एमएलसी की बेटी की शादी में गया था. वे लोग दिन में करीब 12 बजे घर से निकले थे और शाम को लखनऊ स्थित मैरिज हॉल पहुंचे थे. शादी अटेंड करने के बाद अगले दिन वे सभी अंबेडकरनगर में एक बाबा के दरबार में दर्शन करने गए और वहां चादर चढ़ाई. इसके बाद पूरी टीम अयोध्या में दर्शन के लिए रवाना हुई, जहां से लौटते समय पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया.
सीसीटीवी फुटेज और मार्केटिंग के सबूत: मां का दावा है कि राज सिंह घटना वाले दिन (6 मई) बलिया के आनंद नगर इलाके में मौजूद था. उन्होंने बताया कि राज ने बलिया के प्रसिद्ध 'ड्रेसलैंड' शोरूम से कपड़े खरीदे और बाजार में घूम-घूमकर मार्केटिंग की थी. जामवंती सिंह ने कहा कि इन सभी जगहों के सीसीटीवी कैमरे चेक किए जाएं, जिससे यह साबित हो जाएगा कि राज कोलकाता में नहीं बल्कि अपने शहर में था. उनके अनुसार, राज का कोलकाता में कोई परिचित तक नहीं है.
एसओजी की टीम ने पकड़ा: जामवंती सिंह ने बताया कि अयोध्या से लौटते समय एसओजी की टीम ने उन्हें रोक लिया और रातभर उन्हें महिला थाने में रखा गया, जबकि राज और उसके दोस्तों को अलग ले जाया गया. कोलकाता पुलिस के ले जाने से पहले राज को सिर्फ कुछ पलों के लिए मां से मिलने दिया गया. जामवंती सिंह ने रोते हुए कहा कि उनका बेटा बेकसूर है और उसे राजनीतिक साजिश का शिकार बनाया जा रहा है.
अधिवक्ता ने कहा- 'उड़कर कोलकाता नहीं जाएगा आरोपी': राज सिंह के अधिवक्ता ने भी इस मामले में पक्ष रखते हुए कहा है कि 4 से 6 तारीख के बीच राज लगातार बलिया में अपने घर पर उपस्थित था. ड्रेसलैंड में खरीदारी और बाजार के अन्य सीसीटीवी फुटेज इस बात के पुख्ता गवाह हैं कि वह घटनास्थल से सैकड़ों किलोमीटर दूर था. अधिवक्ता ने सवाल उठाया कि कोई व्यक्ति एक ही समय पर दो अलग-अलग राज्यों में कैसे हो सकता है? परिजनों ने अब उच्च स्तरीय जांच के जरिए न्याय की मांग की है.
6 मई की रात हुई थी सनसनीखेज वारदात: 6 मई 2026 की रात उत्तर 24 परगना के मध्यमग्राम में चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. यह हमला उस वक्त हुआ जब वह अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी से घर लौट रहे थे, जिसमें उनका ड्राइवर बुद्धदेब भी गंभीर रूप से घायल हो गया था. पुलिस ने इस मामले में यूपी और बिहार से विशाल श्रीवास्तव, राज सिंह और मयंक नाम के तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया है. पुलिस सूत्रों का दावा है कि ये तीनों पेशेवर शार्प शूटर हैं जिन्हें हत्या की सुपारी दी गई थी.
UPI पेमेंट से मिले थे सुराग: जांच एजेंसियों के अनुसार हमलावरों की पहचान बाली टोल प्लाजा पर किए गए एक यूपीआई (UPI) भुगतान के जरिए हुई थी. इसी डिजिटल सुराग से पुलिस को उनके मोबाइल नंबर और लोकेशन को ट्रैक करने में सफलता मिली थी. हत्या में ऑस्ट्रिया निर्मित अत्याधुनिक 'ग्लॉक 43X' पिस्तौल का इस्तेमाल किया गया था, जो एक प्रतिबंधित हथियार है. सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर पता चला कि हमलावरों ने फर्जी नंबर प्लेट वाली कार का इस्तेमाल किया और वारदात से पहले इलाके की रेकी भी की थी.
हत्या पर गरमाई पश्चिम बंगाल की राजनीति: यह हत्याकांड बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के महज दो दिन बाद हुआ, जिसमें भाजपा ने 15 साल पुराने टीएमसी शासन को उखाड़ फेंका है. मुख्यमंत्री शुभेंदुअधिकारी ने इसे एक 'सुनियोजित राजनीतिक हत्या' करार देते हुए ममता बनर्जी की हार का बदला बताया है. दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस ने इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए खारिज कर दिया है. टीएमसी ने निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए इस मामले की कोर्ट की निगरानी में CBI जांच कराने की मांग की है.